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CBSE Board class 12 Hindi aroh ch-4

प्रस्तुत पाठ हिंदी कवि और पत्रकार रघुवीर सहाय के जीवन, उनके साहित्यिक योगदान और उनकी प्रसिद्ध कविता "कैमरे में बंद अपाहिज" पर केंद्रित है। इसमें लेखक के पत्रकारिता के अनुभवों और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचय दिया गया है। मुख्य कविता यह दर्शाती है कि कैसे मीडिया संस्थान व्यावसायिक लाभ के लिए किसी व्यक्ति की शारीरिक पीड़ा का क्रूरतापूर्वक प्रदर्शन करते हैं। कवि ने व्यंग्य के माध्यम से संचार माध्यमों की संवेदनहीनता को उजागर किया है, जो सहानुभूति जगाने के नाम पर केवल दर्शकों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं। इसके अतिरिक्त, पाठ में शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे व्यक्तियों के प्रति समाज और मीडिया के नजरिए पर विचार करने के लिए अभ्यास प्रश्न और एक प्रेरक समाचार भी शामिल किया गया है। यहाँ आपके द्वारा दिए गए स्रोतों के आधार पर पाठ्यपुस्तक के सभी प्रश्नों के उत्तर और 5 वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न दिए गए हैं: पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों के उत्तर 'कविता के साथ' से प्रश्न: 1. कविता में कुछ पंक्तियाँ कोष्ठकों में रखी गई हैं—आपकी समझ से इसका क्या औचित्य ...

CBSE Board class 12 Hindi aroh ch-3

यह पाठ प्रसिद्ध आधुनिक हिंदी कवि कुंवर नारायण के जीवन, उनके साहित्यिक योगदान और उनकी दो प्रमुख कविताओं का परिचय देता है। पहली कविता, "कविता के बहाने", यांत्रिकता के इस दौर में कविता की शाश्वत महत्ता को रेखांकित करती है और इसकी तुलना चिड़ियों की उड़ान, फूलों के खिलने और बच्चों के असीमित सपनों से करती है। दूसरी कविता, "बात सीधी थी पर", भाषा की जटिलता और आडंबर के जाल में फंसकर मूल भाव के नष्ट हो जाने की समस्या पर प्रकाश डालती है। लेखक पाठकों को सरल और सहज भाषा के प्रयोग की सलाह देते हैं ताकि अभिव्यक्ति अपनी प्रभावशीलता न खोए। इसके अतिरिक्त, पाठ में विद्यार्थियों के लिए अभ्यास प्रश्न और भाषा के विभिन्न बिम्बों व मुहावरों पर चर्चा भी शामिल की गई है। अंततः, यह सामग्री साहित्य में रचनात्मक ऊर्जा और अभिव्यक्ति की स्पष्टता के महत्व को खूबसूरती से समझाती है। यहाँ दिए गए पाठ (कुंवर नारायण जी की कविताएँ "कविता के बहाने" और "बात सीधी थी पर") पर आधारित आपके सभी प्रश्नों के उत्तर और 5 वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न नीचे दिए गए हैं: पाठ में दिए गए प्रश्नों के उ...

CBSE Board class 12 Hindi aroh ch-2

यह पाठ मुख्य रूप से प्रसिद्ध हिंदी कवि आलोक धन्वा के जीवन और उनकी लोकप्रिय कविता 'पतंग' पर केंद्रित है। इसमें कवि के साहित्यिक परिचय, उनके द्वारा प्राप्त सम्मानों और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान का उल्लेख किया गया है। स्रोत के अनुसार, 'पतंग' कविता बच्चों की कोमल इच्छाओं, उमंगों और उनके साहसी स्वभाव का सुंदर चित्रण करती है। इसमें शरद ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति में होने वाले बदलावों और बच्चों की पतंगबाजी के उत्साह को सजीव बिंबों के माध्यम से दर्शाया गया है। अंत में, छात्रों के बोध को गहरा करने के लिए कविता के भावार्थ और प्रतीकों से संबंधित महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न भी दिए गए हैं। यहाँ आपके द्वारा दिए गए पाठ (आलोक धन्वा की 'पतंग' कविता) के आधार पर सभी प्रश्नों के उत्तर और पाँच वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न दिए गए हैं: कविता के साथ (पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर) 1. 'सबसे तेज़ बौछारें गयीं, भादो गया' के बाद प्रकृति में जो परिवर्तन कवि ने दिखाया है, उसका वर्णन अपने शब्दों में करें। उत्तर: कवि बताते हैं कि भादो मास की तेज़ बारिश खत्म होने के बाद शरद ऋतु ...

CBSE Board class 12 Hindi aroh ch-1

प्रस्तुत पाठ हिंदी के प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन के व्यक्तित्व और उनके साहित्यिक योगदान पर केंद्रित है। इसमें उनकी कालजयी रचना 'मधुशाला' और उनके हालावादी दर्शन की व्याख्या की गई है, जो जीवन को सहज भाव से स्वीकार करने की प्रेरणा देता है। मुख्य अंशों में उनकी कविता 'आत्मपरिचय' और 'एक गीत' संकलित हैं, जो व्यक्ति और समाज के बीच के जटिल संबंधों तथा समय की गतिशीलता को दर्शाते हैं। कवि ने अपने अंतर्मन के द्वंद्वों को विरोधाभासों के सामंजस्य के माध्यम से बड़ी सरलता से अभिव्यक्त किया है। अंत में, छात्रों के अभ्यास के लिए कुछ प्रश्न और जयशंकर प्रसाद की 'आत्मकथ्य' के अंश तुलनात्मक अध्ययन हेतु दिए गए हैं। यह स्रोत पाठक को स्वयं को जानने और जीवन के उतार-चढ़ाव में संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है। पाठ्यपुस्तक ('कविता के साथ' और 'कविता के आसपास') के सभी प्रश्नों के उत्तर: 1. कविता एक ओर 'जग-जीवन का भार लिए घूमने' की बात करती है और दूसरी ओर 'मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ'— विपरीत से लगते इन कथनों का क्या आशय है? उत्तर: इन दोनों क...

CBSE Board class 12 Hindi antral ch-3

यह पाठ प्रभाष जोशी द्वारा रचित है, जिसमें मालवा प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, वहां की नदियों और सांस्कृतिक वैभव का सजीव चित्रण किया गया है। लेखक ने आधुनिक औद्योगिक विकास को "खाऊ-उजाड़ू सभ्यता" की संज्ञा दी है, जिसके कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है और सदियों पुरानी नदियाँ अब नालों में तब्दील हो रही हैं। वे बताते हैं कि कैसे मालवा की धरती पहले अपनी प्रचुरता और जल प्रबंधन के लिए प्रसिद्ध थी, लेकिन अब पश्चिमी जीवनशैली के अंधानुकरण ने इसे विनाश की कगार पर खड़ा कर दिया है। इसमें नर्मदा, क्षिप्रा और चंबल जैसी नदियों की वर्तमान स्थिति के माध्यम से वैश्विक तापन और पारिस्थितिक संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। इस आलेख का मुख्य उद्देश्य पाठकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देना है। यह रचना विकास के नाम पर हो रहे विनाश और प्रकृति के साथ हमारे बदलते संबंधों का एक गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत करती है। यहाँ पाठ में दिए गए सभी प्रश्नों के उत्तर और पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न उनके विकल्पों और उत्तरों के साथ दिए गए हैं: पाठ के अभ्यास प्रश्नों...

CBSE Board class 12 Hindi antral ch-2

यह पाठ विश्वनाथ त्रिपाठी की आत्मकथा का एक अंश है, जिसमें उन्होंने अपने गाँव बिसकोहर की यादों को संजोया है। लेखक ने ग्रामीण जीवन की सादा जीवनशैली, लोक मान्यताओं और वहां के प्राकृतिक परिवेश का सजीव वर्णन किया है। इस वृत्तांत में विभिन्न प्रकार के फूलों, वनस्पतियों और जीव-जंतुओं के साथ लेखक के गहरे जुड़ाव को दिखाया गया है, जो शहरी चकाचौंध से दूर प्रकृति पर निर्भर हैं। यहाँ माँ के ममतामयी स्वरूप की तुलना एक सुरक्षात्मक बत्तख से की गई है, जो अपने बच्चों को हर खतरे से बचाती है। पूरी रचना क्षेत्रीय सौंदर्य और बचपन के उन अनुभवों को उजागर करती है जहाँ डर और आकर्षण साथ-साथ चलते हैं। अंततः, यह लेख पाठक को गाँव की मिट्टी और वहां के नैसर्गिक जीवन की सच्चाई से रूबरू कराता है। यहाँ 'बिस्कोहर की माटी' पाठ के अंत में दिए गए 'प्रश्न-अभ्यास' और 'योग्यता-विस्तार' के सभी प्रश्नों के उत्तर और पाठ पर आधारित 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) दिए गए हैं: प्रश्न-अभ्यास के उत्तर: 1. कोइयाँ किसे कहते हैं? उसकी विशेषताएँ बताइए। उत्तर: 'कोइयाँ' एक प्रकार का जलपुष्प है जिसे कुमुद या कोका-बेली...

CBSE Board class 12 Hindi antral ch-1

यह पाठ मुंशी प्रेमचंद के प्रसिद्ध उपन्यास 'रंगभूमि' के एक अंश 'सूरदास की झोपड़ी' पर आधारित है, जो एक अंधे भिखारी सूरदास के संघर्ष और अदम्य साहस को दर्शाता है। कहानी में भैरव नामक व्यक्ति अपनी पत्नी सुभागी की सहायता करने पर सूरदास से ईर्ष्या करता है और बदले की भावना में उसकी झोपड़ी को आग लगा देता है तथा उसकी जीवन भर की पूंजी चुरा लेता है। सूरदास अपनी आर्थिक हानि को जगधर से छिपाने का प्रयास करता है क्योंकि उसे लगता है कि एक भिखारी के पास धन का संग्रह होना समाज में अपमान की बात है। अपने सपनों की राख को देखकर वह शुरू में टूट जाता है, लेकिन बच्चों की बातों से प्रेरित होकर वह पुनर्निर्माण का संकल्प लेता है। अंततः, यह लेख सूरदास के उस दृढ़ व्यक्तित्व को रेखांकित करता है जो प्रतिशोध के बजाय सकारात्मकता और बार-बार सृजन करने में विश्वास रखता है। यहाँ 'सूरदास की झोंपड़ी' पाठ में दिए गए सभी अभ्यास-प्रश्नों के उत्तर और पाठ पर आधारित पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) दिए गए हैं: पाठ्यपुस्तक के अभ्यास-प्रश्नों के उत्तर 1. 'चूल्हा ठंडा किया होता, तो दुश्मनों का कलेजा कैसे ठंडा ...